राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्ती परीक्षा में पुरुष अभ्यर्थी कुर्ता-पजामा पहनकर भी शामिल हो सकेंगे। बोर्ड ने सोमवार को ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव करते हुए मेटल की जिप (चेन) और बटन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने यह बदलाव मेटल की चेन को लेकर किया है।
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बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने बताया- भर्ती परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही थी। इसमें पेंट की जिप और जैकेट की चेन मेटल की होने की वजह से काफी समस्या आ रही थी। इस पर बोर्ड की बैठक में मंथन के बाद यह फैसला किया गया है कि कोई भी ऐसा कपड़ा, जिसमें मेटल की जिफ या चेन लगी होगी, वह अलाउड नहीं होगी। ऐसे में पुरुष अभ्यर्थियों के लिए कुर्ता-पजामा ड्रेस कोड में शामिल किया है। ताकि भविष्य में किसी भी तरह की नकल और धांधली को रोका जा सके।
आलोक राज ने बताया- प्रदेश में भर्ती परीक्षा में धांधली और नकल रोकने के लिए पिछले दिनों बोर्ड ने एंट्री नियमों में भी बदलाव किया था। इसके तहत अब अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। यह राज्य पुलिस या होमगार्ड नहीं बल्कि कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से हायर की गई स्पेशल एजेंसी से करवाई जाएगी। ताकि किसी भी तरह की मेटल डिवाइस परीक्षा केंद्र में नहीं पहुंच सके।
आलोक राज ने बताया- हर भर्ती परीक्षा में अब अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस, फेस स्कैनिंग और आई-राइज स्कैनिंग के बाद ही एंट्री दी जाएगी। रिटन टेस्ट में अगर कोई डमी या फर्जी अभ्यर्थी हिस्सा लेता है, डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के दौरान आसानी से उसे पकड़ा जा सकता है। इससे भर्ती परीक्षा में धांधली और नकल की प्रक्रिया को आसानी से रोका जा सकेगा।
बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- हर भर्ती परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। जहां अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, उन सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि परीक्षा के पल-पल का ऑनलाइन रिकॉर्ड मौजूद रहें।
उन्होंने बताया- कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से फरवरी में होने वाली जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा से इस प्रक्रिया को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में यह प्रक्रिया लागू रहेगी।